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Sunday, March 14, 2010

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1 comment:

  1. भाई दुल्ला राम सहारण,
    जय राजस्थान !
    जय राजस्थानी !!
    तूळ्यां री पेट्या भेळी कर'र जबरो काम करियो है!अचरज तो है पण हिम्मत, हठ अर थ्यावस नै लखदाद है! चावना भेळै ध्यावना अर भावना मेँ ईमानदारी अनै समरपण हुवै तो मिनख ठोड़सर पूगै ई है अर पछै साम्हो भलांई हिमाळो क्यूं नी हुवै।आप री इण खेचळ अर हूंस नै निवण! ऐकर फेरूं बधायजै!!
    -ओम पुरोहित'कागद'

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